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सोर्सिंग और स्कोरिंग

वे क्रिएटर्स खोजिए जो आपके ब्रांड और मौक़े से मेल खाते हैं, और ख़र्च से पहले उन्हें फ़िट, एंगेजमेंट और इतिहास पर परखिए।


इन्फ़्लुएंस की महँगी ग़लती यही है — पहले ख़र्च, सीख बाद में। आप सौ क्रिएटर्स को गिफ़्ट भेजते हैं, दर्जन भर पार्टनरशिप चलाते हैं, और बाद में पता चलता है कि आधे ब्रांड के लिए ग़लत थे। सोर्सिंग और स्कोरिंग उस परख को आगे ले आते हैं, ताकि खाते से एक रुपया निकलने से पहले क्रिएटर परखा जा चुका हो।

खोज

क्रिएटर्स उन्हीं आधारों पर खोजिए जो असल में मायने रखते हैं: निच, ब्रांड फ़िट, और मौक़ा। उन क्रिएटर्स को ढूँढिए जिनका कॉन्टेंट आपके ब्रांड से मेल खाता है, सिर्फ़ फ़ॉलोअर गिनती नहीं। सही वक़्त की सही पोस्ट, ग़लत लोगों तक पहुँची बड़ी पोस्ट से बेहतर करती है।

खोज सीधे CRM में जाती है। जो भी मिलता है वह रिकॉर्ड बन जाता है — स्कोर करने, सेगमेंट बनाने और आगे बढ़ने के लिए तैयार, कुछ दोबारा भरे बिना।

स्कोरिंग

हर क्रिएटर को स्कोर मिलता है, ताकि फ़िट तुलना करने लायक़ संख्या हो, मन की आवाज़ नहीं। प्रोफ़ाइल और कॉन्टेंट बदलने पर स्कोर भी बदलते हैं, जिससे आपकी शॉर्टलिस्ट समय के साथ ईमानदार बनी रहती है।

ब्रांड फ़िट

क्रिएटर की निच आपके ब्रांड से कितनी क़रीब हैं — उन्हीं निच पर स्कोर जिनमें आप असल में बेचते हैं।

एंगेजमेंट

हाल के कॉन्टेंट पर असली प्रतिक्रिया, सिर्फ़ फ़ॉलोअर गिनती नहीं। यह उन अकाउंट्स को छाँट देता है जो बड़े दिखते हैं और हिलाते कुछ नहीं।

पहुँच की आसानी

पुष्ट संपर्क विवरण और पिछला जवाब देने का व्यवहार, ताकि आउटरीच उन्हीं क्रिएटर्स तक जाए जिन तक आप सच में पहुँच सकते हैं।

आपके साथ का इतिहास

पिछली आउटरीच, गिफ़्ट, जवाब और रेवेन्यू — सब रिकॉर्ड पर। जो क्रिएटर पहले आपके साथ काम कर चुका है, उसे कभी ठंडा संदेश मत भेजिए।

ख़र्च से पहले परखिए

खोज और स्कोरिंग मिलकर एक ऐसी प्रक्रिया बनाते हैं जो चौड़े मैदान को छोटी और भरोसेमंद लिस्ट में बदल देती है।

  1. 01

    खोजिए

    ब्रांड फ़िट, निच और जिस मौक़े पर निशाना है, उसके हिसाब से क्रिएटर्स ढूँढिए।

  2. 02

    स्कोर कीजिए

    हर उम्मीदवार का फ़िट, एंगेजमेंट और इतिहास पढ़िए।

  3. 03

    परखिए

    उन्हीं क्रिएटर्स तक छाँटिए जो आपकी सीमाएँ पार करते हैं, और उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए सेगमेंट में रखिए।

  4. 04

    सक्रिय कीजिए

    परखी हुई लिस्ट को सीधे आउटरीच या गिफ़्टिंग में भेजिए — सब उन्हीं रिकॉर्ड पर जिन पर स्कोर पहले से है।

शॉर्टलिस्ट से रेवेन्यू तक

लिस्ट परख ली गई, तो आगे अमल-इंजन सँभाल लेता है। आउटरीच, ब्रीफ़, गिफ़्टिंग, कोड और पेआउट कैसे चलते हैं, यह ऑपरेटिंग सिस्टम पेज पर देखिए।